अब देश भर के रसोई गैस उपभोक्ता यदि चाहें तो मर्जी से अपना रसोई गैस का डीलर और कंपनी बदल सकते हैं. यह ऐलान पेट्रोलियम मंत्रालय ने बुधवार को किया.
पिछले साल अक्टूबर में एलपीजी कनेक्शन पोर्टेबिलिटी की स्कीम को देश के 13 राज्यों के 24 जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर पर लागू किया गया था. अब इसे पूरे देश के 480 जिलों के 8 करोड़ से ज्यादा ग्राहकों के लिए लागू करने का ऐलान किया गया है. इस स्कीम का फायदा उठाने के लिए ग्राहकों को अपनी तेल कंपनी के वेबसाइट पर रजिस्टर कर अप्लाई करना होगा. ऐसा करने के बाद ग्राहक को कंपनी से पोर्टेबिलिटी की गुजारिश माने जाने की कन्फर्मेशन ई मेल आएगी.
अगर ग्राहक अपनी कंपनी के भीतर ही डीलर बदलना चाहता है तो ग्राहक को अपनी इच्छा के डीलर के पास ये मेल लेकर जाना होगा. अगर ग्राहक कंपनी के बाहर यानी किसी दूसरी सरकारी तेल कंपनी के डीलर के पास अपना कनेक्शन ट्रांसफर करना चाहता है, तो ग्राहक को अपने वर्तमान डीलर के पास अपने सिलेंडर और रेगुलेटर जमा करके ट्रांसफर डॉक्यूमेंट लेकर अपनी पसंद के डीलर के पास जाना होगा. पिछले डीलर से मिला सिक्योरिटी डिपोजिट देकर सिलेंडर और रेग्युलेटर लेना होगा.
कंपनी बदलने पर भी ग्राहक को नई कंपनी से कनेक्शन के लिए अपना पहले वाला ही सिक्योरिटी डिपोजिट देना होगा. यानी ग्राहक पर कोई बोझ नहीं पड़ेगा. ट्रांसफर की ये सुविधा ग्राहकों के लिए मुफ्त है.
पिछले साल अक्टूबर में एलपीजी कनेक्शन पोर्टेबिलिटी की स्कीम को देश के 13 राज्यों के 24 जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर पर लागू किया गया था. अब इसे पूरे देश के 480 जिलों के 8 करोड़ से ज्यादा ग्राहकों के लिए लागू करने का ऐलान किया गया है. इस स्कीम का फायदा उठाने के लिए ग्राहकों को अपनी तेल कंपनी के वेबसाइट पर रजिस्टर कर अप्लाई करना होगा. ऐसा करने के बाद ग्राहक को कंपनी से पोर्टेबिलिटी की गुजारिश माने जाने की कन्फर्मेशन ई मेल आएगी.
अगर ग्राहक अपनी कंपनी के भीतर ही डीलर बदलना चाहता है तो ग्राहक को अपनी इच्छा के डीलर के पास ये मेल लेकर जाना होगा. अगर ग्राहक कंपनी के बाहर यानी किसी दूसरी सरकारी तेल कंपनी के डीलर के पास अपना कनेक्शन ट्रांसफर करना चाहता है, तो ग्राहक को अपने वर्तमान डीलर के पास अपने सिलेंडर और रेगुलेटर जमा करके ट्रांसफर डॉक्यूमेंट लेकर अपनी पसंद के डीलर के पास जाना होगा. पिछले डीलर से मिला सिक्योरिटी डिपोजिट देकर सिलेंडर और रेग्युलेटर लेना होगा.
कंपनी बदलने पर भी ग्राहक को नई कंपनी से कनेक्शन के लिए अपना पहले वाला ही सिक्योरिटी डिपोजिट देना होगा. यानी ग्राहक पर कोई बोझ नहीं पड़ेगा. ट्रांसफर की ये सुविधा ग्राहकों के लिए मुफ्त है.


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