सौर उर्जा चालित विमान से विश्व परिक्रमा करने निकले स्विट्जरलैंड के पायलट बर्ट्रेंड पिकार्ड और आंद्रे बोर्शबर्ग चाहते हैं कि भारत के 1.2 अरब लोग वैश्विक पर्यावरण को बचाने के लिए नवीकरणीय उर्जा के उपयोग को प्रोत्साहित करने के उद्येश्य वाले उनके अभियान का समर्थन करे।
पिछली रात मस्कट से अहमदाबाद की उड़ान में सोलर इंपल्स नामक अपने विमान को उड़ाने वाले पिकार्ड ने कहा ‘हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस बिल्ले को हम पहन सकते हैं। हम अपने बाजू पर भारत का बिल्ला लगा सकते हैं।’ मनोचिकित्सक, पिकार्ड ने कहा कि सोलर इंपल्स 2 (एसआई2) परियोजना में प्रौद्योगिकी का नवोन्मेषन करने से लेकर इंजीनियरिंग और विभिन्न देशों की सरकार से अनुमति लेनी पड़ी।
सोलर इंपल्स 2 के डैनों में 17,000 से अधिक सौर सेल लगे हैं जो विमान की बैटरी को रिचार्ज करते हैं। यह करीब 45 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान भरता है। उन्होंने कहा कि विमान इसके बाद वाराणसी उड़ान भरेगा और प्रशांत महासागर पार करने से पहले 35,000 किलोमीटर की यात्रा के दौरान चीन एवं म्यांमार समेत 12 जगहों पर रूकेगा।
अबुधाबी से मस्कट हो कर सफलतापूर्वक अहमदाबाद पहुंचे पिकार्ड ने कहा कि विश्व के सामने चिकित्सा अनुसंधान, गरीबी उन्मूलन, पर्यावरण की रक्षा, बेहतर कामकाज और मानवाधिकार जैसी नयी चुनौतियां हैं और एसआई2 इन मुद्दों के बारे में जागरूकता फैलाना चाहता है। उन्होंने अपने अभियान को भारत की जनता से समर्थन मिलने की उम्मीद जताई और कहा ‘हमने अपनी वेबसाईट पर एक अभियान शुरू किया है। हमें 1.2 अरब लोगों से हस्ताक्षर मिल सकते हैं।’ बोर्शबर्ग इंजीयिनर हैं और शौकिया तौर पर सैनिक पायलट हैं। उन्होंने कहा कि नवीकरणीय उर्जा के जरिए असंभव दिखने वाली चीजें की जा सकती हैं।
पिछली रात मस्कट से अहमदाबाद की उड़ान में सोलर इंपल्स नामक अपने विमान को उड़ाने वाले पिकार्ड ने कहा ‘हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस बिल्ले को हम पहन सकते हैं। हम अपने बाजू पर भारत का बिल्ला लगा सकते हैं।’ मनोचिकित्सक, पिकार्ड ने कहा कि सोलर इंपल्स 2 (एसआई2) परियोजना में प्रौद्योगिकी का नवोन्मेषन करने से लेकर इंजीनियरिंग और विभिन्न देशों की सरकार से अनुमति लेनी पड़ी।
सोलर इंपल्स 2 के डैनों में 17,000 से अधिक सौर सेल लगे हैं जो विमान की बैटरी को रिचार्ज करते हैं। यह करीब 45 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान भरता है। उन्होंने कहा कि विमान इसके बाद वाराणसी उड़ान भरेगा और प्रशांत महासागर पार करने से पहले 35,000 किलोमीटर की यात्रा के दौरान चीन एवं म्यांमार समेत 12 जगहों पर रूकेगा।
अबुधाबी से मस्कट हो कर सफलतापूर्वक अहमदाबाद पहुंचे पिकार्ड ने कहा कि विश्व के सामने चिकित्सा अनुसंधान, गरीबी उन्मूलन, पर्यावरण की रक्षा, बेहतर कामकाज और मानवाधिकार जैसी नयी चुनौतियां हैं और एसआई2 इन मुद्दों के बारे में जागरूकता फैलाना चाहता है। उन्होंने अपने अभियान को भारत की जनता से समर्थन मिलने की उम्मीद जताई और कहा ‘हमने अपनी वेबसाईट पर एक अभियान शुरू किया है। हमें 1.2 अरब लोगों से हस्ताक्षर मिल सकते हैं।’ बोर्शबर्ग इंजीयिनर हैं और शौकिया तौर पर सैनिक पायलट हैं। उन्होंने कहा कि नवीकरणीय उर्जा के जरिए असंभव दिखने वाली चीजें की जा सकती हैं।


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