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Sunday, May 3, 2015

फेसबुक की तरह संपर्क साधती हैं मस्तिष्‍क की तंत्रिका कोशिकाएं

मस्तिष्क की तंत्रिका कोशिकाएं आपस में सोशल नेटवर्क की तरह गुथी हुई हैं। एक शोध निष्कर्ष में इसका खुलासा किया गया है।

यूनिवर्सिटी ऑफ बसेल के शोधकर्ताओं का कहना है कि हर एक तंत्रिका कोशिका का संपर्क दूसरी तंत्रिका कोशिकाओं के साथ होता है, लेकिन कुछ तंत्रिका कोशिकाओं का आपस में घनिष्ठ संबंध होता है, जैसे फेसबुक पर लोगों का अपने दोस्तों के साथ होता है। विश्वविद्यालय के प्रोफेसर थॉमस मर्सिक-फ्लोगेल ने बताया कि मस्तिष्क की तंत्रिका कोशिकाओं में भी एक तरह की प्रकृति वाली तंत्रिका कोशिकाओं के बीच घनिष्ठ और मजबूत संपर्क होता है, जबकि विपरीत या अलग प्रकृति वाली तंत्रिका कोशिकाओं के साथ कम या लगभग नहीं के बराबर संपर्क होता है।

शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन के दौरान मस्तिष्क के सेरेबरल कॉटेक्स का विशेष रूप से अध्ययन किया, जहां आंखों द्वारा सूचना प्रेषित होती है। शोधकर्ताओं ने पाया कि यह वैसा ही है, जैसा कि फेसबुक पर किसी इंसान के कई सारे दोस्त होते हैं, लेकिन किसी खास समूह के साथ ही उनका संपर्क मजबूत होता है।

चीटियों को भी लगा जंक फूड का चस्का

अगर आपको लगता है कि डिब्बाबंद खाद्य पदार्थो (जंक फूड) की दीवानी केवल युवा पीढ़ी ही है, तो आप मुगालते में हैं। शहरी परिवेश में रहने वाली चीटियों की कुछ प्रजातियां भी इस तरह के खाद्य पदार्थों की दीवानी हैं। एक नए अध्ययन में यह बात सामने आई है।


इस निष्कर्ष से उस जिज्ञासा का उत्तर मिलता है कि चीटियों की कुछ प्रजातियां केवल शहरी परिवेश में ही ज्यादातर क्यों पाई जाती हैं। निष्कर्ष के लिए चीटियों के शरीर में आइसोटोप स्तर का अध्ययन किया गया। अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना स्टेट युनिवर्सिटी के मुख्य लेखक क्लिंट पेनिक ने कहा, 'हम इस बात का पता लगाना चाहते थे कि चीटियों की कुछ प्रजातियां क्यों हमारे आस-पास ही पाई जाती हैं, जबकि कुछ प्रजातियां इससे इतर मानवीय गतिविधियों से दूर वाले इलाकों में रहना पसंद करती हैं।'

अध्ययन के लिए शोधकर्ताओं ने 21 प्रजातियों की 100 चीटियों पर यह अध्ययन किया, जिन्हें मैनहप्तन से फुटपाथों, पार्को व अन्य जगहों से एकत्रित किया गया। उन्होंने कहा, 'शहरी प्रजाति की चीटियों के आहार वही होते हैं, जो वहां के मानवों के आहार हैं।'

मानव सहित लगभग सभी पशु अपने भोजन के रूप में कार्बन ग्रहण करते हैं। कार्बन की ही एक किस्म सी13 मक्का व गन्ने जैसी घासों से संबंधित है। चूंकि, लगभग सभी जंक फूड में मक्का तथा शर्करा मौजूद होते हैं। इसलिए सी13 उन सभी चीटियों में पाए जाते हैं, जो मानव आहार को ग्रहण करते हैं। दूसरी ओर मानव आहार ग्रहण न करने वाली चीटियों में सी13 नहीं पाया जाता।

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